ऐसे ही सुबह के चार बज चुके थे लेकिन शौर्य बिल्कुल भी रुकने का नाम नहीं ले रहा था।
वही राही रोते-रोते अपनी आंखें बंद करके सो चुकी थी क्योंकि उसे पता था कि शौर्य रुकने वाला नहीं है इसलिए वह अपनी आंखें बंद करके सो जाती है और शौर्य राही के साथ पूरी रात अपने आप को सेटिस्फाई कर रहा था।
करीब सुबह 5:00 बजे शौर्य रुकता है इस वक्त शौर्य और रही पूरी तरीके से पसीने में भीगे हुए थे और उसे कमरे में एक अलग सी खुशबू आ रही थी जो यह बयान कर रही थी कि इस कमरे में क्या हुआ है।
शौर्य राही के बगल में लेट जाता है और राही को अपने ऊपर सुला देता है और उसके माथे को चुनकर अपनी आंखें बंद कर लेता है।
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अब आगे....
सुबह के 10:00 बजे...
होटल के रूम इस वक्त सूरज की रौशनी गिर रही थी ओर बेड पर शौर्य ओर राही एक दूसरे से लिपट के सो रहे थे। इस वक्त राही शौर्य के ऊपर पूरी तरीके से लिपट सोइ हुई थी।
तभी रूम मे फोन की रिंग बजती है। उस रिंग के आवाज से शौर्य की आँखे झट से खुल जाती है की तभी उसकी नज़र अपने ऊपर सो रही राही को देखता है जो शौर्य को ऐसे पकड़ के सोइ थी जैसे वो अपना टेडी बेयर पकड़के सोइ हो।
शौर्य राही को तगड़ा का ऊपर उठाके बेड पर अच्छे से सुला देता है ओर तुरत फोन को साइलेंट करता है ताकि राही की नींद ना खुल जाए।
तभी फोन एक बार फिर से बचता है शौर्य तुरंत फोन उठा लेता है और अपने कान से लगा लेता है। तभी फोन के दूसरे साइड से उसके असिस्टेंट राघव त्यागी की आवाज आती है।
" sir आज आप अभी तक office नहीं आए sir आज हमारी यूरोपयन क्लाइंट के साथ इम्पोर्टेन्ट मीटिंग "
राघव की बात सुनके शौर्य की नज़र तुरत राही की ओर जाती है जो बोहोत ही आराम से बेड पर सोइ हुई थी।
तभी शौर्य राघव से कहता है " कल रात जो लड़की मीटिंग रूम मे आई थी मुझे उसकी सारी डिटेल्स तीन घंटे मे चाहिए " इतना कहकर शौर्य फोन काट देता है।
फोन काटते ही शौर्य तुरत फोन साइड मे रखता है ओर तुरंत राही को अपने बाहो मे भर लेता है ओर उसके चेहरे को चूमते हुए कहता है।
" flower कल तुमने वो किया है जो आज तक कोई भी doctor नहीं कर पाया कितने डॉक्टर्स को मे check कराया की मेरी ये बीमारी ठीक हो जाए लेकिन किसी से भी इस बीमारी का इलाज नहीं हुआ ओर कल तुमने मुझे वो सुकून दिया है जिसे मेहसूस करने के लिए मे इतने साल तड़पा "
इस वक्त शौर्य की आंखें पूरी तरीके से डार्क हो चुकी थी और वह अपनी जुनून और डिजायर भरी नजरों से राही को देख रहा था। लेकिन तभी शौर्य के होठों पर एक तिरछी मुस्कान आ जाती है।
वह राही के चेहरे को सेहलाते हुए कहता है " लेकिन आप तुम मेरी वह दवा बन चुकी हूं जो मुझे हर रोज सुकून देगा लेकिन तुम्हारे लिए दुख की बात यह है कि तुम अब शौर्य सिंह राठौर से अलग नहीं हो पाओगी फिर चाहे उसके लिए मुझे तुम्हें कैदी क्यों ना करना पड़े अब तुम सिर्फ और सिर्फ शौर्य सिंह राठौर की एक डिजायर हो एक अनमोल डिजायर "
इतना कहकर शौर्य पागलों की तरह हंसने लगता है शौर्य की आवाज इस वक्त इतनी भयानक लग रही थी कि अगर राही इस वक्त जाग रही होती तो वह पूरी तरीके से डर चुकी होती।
तभी राही की आंखें धीरे-धीरे खुलने लगते हैं क्योंकि शौर्य कब से उसके चेहरे को उसके बॉडी को सहला रहा था जिससे राही को बहुत ही ज्यादा अनकंफरटेबल फुल हो रहा था वह धीरे से अपनी आंखें खोलती है कि तभी उसकी आंखें शौर्य की आंखों से टकरा जाती है।
राही जैसे ही शौर्य को देखते हैं वह तुरंत चिल्लाते हुए बेड पर से खड़ी हो जाती है और शौर्य को देखते हुए कहती है।
" आप...आप...कौन हो ओर मे आपके साथ मतलब " तभी राही की नजर अपनी बॉडी पर जाती है अपनी बॉडी को देखकर राही की जोरदार चीख निकल जाती है वह तुरंत बेड पर पड़ा हुआ ब्लैंकेट उठाती है और अपने बॉडी से लपेट लेती हैं और शौर्य को देखते हुए कहती है।
शौर्य बिना किसी एक्सप्रेशन के राही कोई देख रहा था उसे इस वक्त राही पर बहुत ही ज्यादा गुस्सा आ रहा था क्योंकि रही का रिएक्शन बहुत ही ज्यादा शौर्य को गुस्सा दिला रहा था।
शौर्य तुरंत राही को अपने हाथों से पकड़ता है और अपनी और खींच लेता है और अपने लेप पर बैठाते हुए कहता है ।
" कल रात तुम खुद आई थी मेरे पास flower ओर तुमने मुझे वो सुकून दिया जिसके लिए मेे बोहोत साल तड़पा हूँ "
शौर्य की बात सुनकर राही की आंखों से आंसू बहने लगते हैं उसे कल रात के बारे में कुछ भी याद नहीं आ रहा था लेकिन उसको इतना जरूर पता था कि कल रात उसने जो जूस पिया था वह जूस नहीं था कोई अल्कोहल ड्रिंक थी।
तभी रही को बहुत ही जोर का गुस्सा आता है वह शौर्य को अपने हाथों से धक्का देती है और ब्लैंकेट को अपने बॉडी पर लपेटते हुए कहती है।
" चुप बिलकुल चुप हो जाइए आप आपको शर्म नहीं आती किसी लड़की का नशे मे होने का फ़ायदा उठाते है ऐसी परवरिश की है आपके मा बात ने की किसी लड़की का फ़ायदा उठाओ... ओर " राही अभी बोल ही रही थी कि तभी एक थप्पड़ की आवाज उसके कानों में गूंज पड़ती है और उसका चेहरा एक साइड हो चुका था और उसके बाल पूरे चेहरे को ढक रहे थे।
शौर्य ने राही को इतनी जोर से थप्पड़ मारा था कि राही के होठों से खून निकलने लगा था शौर्य तुरंत राही के बालों को अपने मुट्ठी में भरता है और खींचते हुए अपने चेहरे के नजदीक लाता है और कहता है।
" shutup एक दम चुप तुम्हारी हिम्मत भी कैसे हुई मेरे मा बाप को बिच मे लाने की ओर तुम हो कौन औकात किया है तुम्हारी मेरे सामने कुछ भी भी नहीं हो तुम सिर्फ एक दो कोड़ी की लड़की हो "
शौर्य की बातें राही के दिल को किसी खंजर की तरह वार कर रही थी उसे बहुत ही ज्यादा पछतावा हो रहा था कल रात का क्यों उसने वह ड्रिंक पिया और वह शौर्य के पास आई ही क्यों।
राही अपनी आंसू भरी नजरों से शौर्य को देख रही थी लेकिन शौर्य तो पूरे गुस्से में लाल हो चुका था इस वक्त उसकी आंखें पूरी तरीके से लाल हो चुकी थी ऐसा लग रहा था जैसे आंखों से खून बहाने लगेगा।
तभी रही अपने बाल शौर्य के हाथों से छुड़ाकर शौर्य को पीछे धकेलते हुए कहती है।
" हां कुछ नहीं है मेरी औकात हूं मैं मिडिल क्लास हूं मैं दो कौड़ी की लड़की लेकिन अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट मुझे बहुत ही ज्यादा प्यारी है और अगर मैं इतनी ही दो कौड़ी की लड़की लग रही थी तो कल रात क्यों किया आप ने मेरे सात जबरजस्ती "
राही की बात सुनकर अब शौर्य के गुस्से की सीमा पार हो चुकी थी। वह अपनी पकड़ रही के बालों पर कसता है और कहता है " कोई जबरदस्ती नहीं किया हैमेने समझी जितनी मेरी मर्जी थी उसने ही तुम्हारे भी मर्जी थी ओर जबरजस्ती किसे कहते हैं पता है तुम्हें चलो आज मैं तुम्हें डेमो दे ही देता हूं कि जबरदस्ती किसे कहते हैं। "
इतना कह कर शौर्य तुरंत राही को अपने गोद में उठा लेता है और बेड पर फेंक देता है और खुद भी उसके ऊपर जाकर उसके होठों को अपने होठों मे गिरफ्त कर लेता है।
अब राही को बहुत ही ज्यादा डर लग रहा था शौर्य के ऐसे पागलपन और उसके ऐसे बर्ताव से वो रोते हुए शौर्य से कहती है " प्लीज नहीं प्लीज छोड़ दो मेने कुछ नहीं किया प्लीज I'm sorry please देखो मुझे बोहोत दर्द हो रहा है प्लीज मुझे जाने दो " राही की बात सुनके शौर्य राही के होठो को सेहलाते हुए कहता है।
" क्यों मेने तो जबरजस्ती की है ना तुम्हारे साथ तो जरा देख लो की जबरजस्ती किसे कहते है flower " शौर्य की बात सुनकर राही अपना सर नाम है हिलाते हुए कहती है।
" प्लीज ऐसा मत करो मे बर्बाद हो जाऊगी प्लीज... प्लीज मुझे छोड़ दो तुमने कुछ कुछ नहीं किया है सारी मेरी गलती है प्लीज leave me मुझे घर जाना please "
राही की बात सुनकर शौर्य राय के ऊपर से खड़ा हो जाता है क्योंकि उसका कोई भी इरादा नहीं था राही को चोट पहुंचाने का शौर्य एक नजर राही को देखा है और कहता है " जाओ जाकर फ्रेश हो जाओ " शौर्य की बात सुनकर राही ब्लैंकेट को अपने बॉडी पर कस के लपेट लेती है और अपनी डरी हुई नजरों से शौर्य को देखते हैं और तुरंत वॉशरूम के अंदर चली जाती है।
राही के जाते ही शौर्य सोफे पर बैठ जाता है और अपने सर को दबाते हुए कहता है " what the f##k " इतना कह कर शौर्य टी टेबल पर रखा हुआ अपना सिगरेट का बॉक्स उठना है और एक सिगरेट निकाल कर अपने होठों से लगा लेता है और उसके लंबे-लंबे कश भरने लगता है।
इधर वॉशरूम में राही मिरर के सामने खड़ी थी वह पूरी तरीके से फ्रेश हो चुकी थी वह अपने आप को मिरर में देख रही थी उसकी बॉडी में ऐसा कोई जगह नहीं था जहां पर शौर्य ने अपने निशान न छोड़ें हूं हर जगह पर बिट्स के निशान थे।
राही उन निशानों को छुट्टी है कि तभी उसके मुंह से एक आह्ह... निकल जाती है क्योंकि वह बिट्स के निशान बहुत ही ज्यादा दर्द कर रहे थे। वह अपनी आंसुओं से भरी आंखों से मिरर में अपने चेहरे को देखते हैं उसके होंठ भी सोचे हुए थे अपनी हालत देखकर राही को बहुत ही ज्यादा रोना आ रहा था वह मिरर में खुद को देखते हुए कहती है।
" मैं घर कैसे जाऊंगी और अगर घर चली भी गई तो मां और पापा को फेस कैसे करुँगी और उन्हें क्या कहेंगी कल रात में कहां थी और अगर उन्हें पता चला कि मैं कहां थी और क्या कर रही थी तो उनका मुझे विश्वास ही उठ जाएगा "
यही सब सोच सोच कर राही को अब अपनी किस्मत पर रोना आ रहा था कि तभी वॉशरूम का गेट लॉक होता है शौर्य गेट के बाहर खड़े होकर कहता है।
" flower 2 मिनट में तुम बाहर नहीं निकली तो मैं दरवाजा खोल कर अंदर आ जाऊंगा फिर कहना मत कि मैं यह सब क्यों किया " शौर्य की बात सुनकर राही की आंखें हैरानी तब बड़ी हो जाती है वह अपना चेहरा अच्छे से साफ करती है और दरवाजे के पास खड़ी होकर शौर्य से कहती है।
" मेरे पास कपड़े नहीं है और मैं बिना कपड़ों के बाहर नहीं आऊंगी " राही की बात सुनकर शौर्य के होठों पर तिरछी मुस्कान आ जाती है। वो राही से कहता है " flower तुम्हारे कपड़े इधर बाहर बैठकर रखे हुए हैं बाहर आओ और इसे पहन लो " शौर्य की बात सुनकर राही को बाहर जाने में बहुत ही ज्यादा शर्म भी आ रही थी और डर भी लग रहा था कि कहीं शौर्य फिर से कल रात की तरह शुरू न हो जाए।
रही को बाहर ना आता देख शौर्य गुस्से में राही से कहता है " flower तुम बाहर आ रही हो या फिर मैं अंदर आओ और अगर मैं अंदर आया तो तुम्हारे लिए बहुत ही ज्यादा बुरा होगा " शौर्य की बात सुनकर रही तुरंत अपने बाथरूब को कसकर पकड़ लेती है और दरवाजा खोल देती है।
दरवाजा खुलते ही शौर्य की नजर राही पर टिक जाती है राही इस वक्त एकदम फ्रेश फ्लावर की तरह लग रही थी उसकी स्किन इस वक्त लाइट पिंकिश कलर की दिख रही थी।
राही नहीं इस वक्त अपना चेहरा नीचे झुकाया हुआ था क्योंकि उसे शौर्य से अब बहुत ही ज्यादा डर लग रहा था एक बार तो वह थप्पड़ खा चुकी थी अब उसे दूसरी बार थप्पड़ खाने का कोई शौक नहीं था इसलिए उसने अपना चेहरा नीचे झुका कर रखा था।
शौर्य एक तक बस राही कोई देख रहा था क्योंकि राही बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही थी उसकी वह गोरी स्किन और उसे स्क्रीन पर उसके दिए हुए बिट्स के निशान बहुत ही ज्यादा निखर कर बाहर आ रहे थे।
शौर्य तुरंत राही के नजदीक जाता है और उसे अपने गोद में उठा लेता है और बेड पर बैठा देता है। शौर्य के ऐसे एक्शंस के लिए राही बिल्कुल भी तैयार नहीं थी वह घबरा जाती है और हैरानी भरी नजरों से शौर्य को देखते हैं और कहती है" प्लीज मुझे नीचे उतारिए मैं चल सकती हूं आपको गोद में उठाने की जरूरत नहीं है। "
राही की बातें सुनकर शौर्य का चेहरा जो इस वक्त नॉर्मल हुआ था वह फिर से सख्त हो जाता है और वह रही को देखते हुए कहता है " अच्छी तरह से ट्रीट कर रहा हूं तो तुम भी अच्छी तरह से रहो ज्यादा जुबान खोलने की जरूरत नहीं है। "
शौर्य की बात सुनकर राही की आंखों में आंसू आ जाते हैं क्योंकि रही अपने घर की इकलौती बेटी थी और उसके घर वालों ने हमेशा उसे एक प्रिंसेस की तरह रखा है इसलिए उसको ऐसे रौदे बिहेवियर के बिल्कुल भी आदत नहीं थी।
राही के आंसू को देखकर शौर्य को बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ रहा था और ना ही उसे कभी फर्क पड़ने वाला था क्योंकि शौर्य को राही से सिर्फ अपनी डिजायर फुलफिल करनी थी।
शौर्य रही को बेड पर बैठता है और अपने दोनों हाथ अपने पॉकेट में डालते हुए कहता है " जल्दी से कपड़े पहनो वह भी मेरे सामने " शौर्य की बात सुनकर राही बहुत ही ज्यादा शौक हो जाती है क्योंकि उसने यह नहीं सोचा था कि शौर्य उसे ऐसा कुछ करने के लिए कहेगा।
इस वक्त राही को बहुत ही ज्यादा शौर्य से डर लग रहा था इसलिए वह चुपचाप अपना बाथरूब खोलती है और बेड पर पड़े हुए अपने कपड़े पहने लगते हैं और शौर्य अपनी इंटेंस नजरों से बस एक तक राही के बॉडी को देखे जा रहा था।
10 मिनट में राही ने अपने सारे कपड़े पहन दिए थे और वह अपना सर नीचे किया बस खड़ी थी कि तभी शौर्य राही को ड्रेसिंग टेबल के सामने लेकर जाता है और उसके बालों को अच्छे से कॉम करता है।
राही को अच्छे से तैयार करने के बाद शौर्य राही को बेड पर बैठा देता है तभी उस रूम का डोर नोक होता है शौर्य दरवाजा जैसे ही खुलता है वहां पर एक होटल की फीमेल स्टाफ खड़ी थी शौर्य उसे अंदर आने का इशारा करता है।
वह फीमेल स्टाफ जैसे ही अंदर आती है उसकी नजर राही पर चली जाती है वह राही को अजीब नजरों से देख रही थी और रही जैसे ही उसे फीमेल स्टाफ को देखती हैं उसकी नजरों को देखकर राही अपना चेहरा झुका लेती है और अपनी मुठिया काश लेती है क्योंकि उसे अच्छे से पता था कि वह फीमेल स्टाफ उसे किस नजरों से देख रही थी।
वही शौर्य साइड में खड़ा राही को एक तक देखे जा रहा था उसके रिएक्शन देखकर शौर्य के होठों पर तिरछी मुस्कान आ जाती है।
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Hello my cute little readers 💋💋💋💋💋💋
Dekho please meri is story ko bahut sari like do main bahut sari research kar kar ke is novel ko likh rahi hun please meri mehnat ko waste mat jaane do please jyada se jyada review do
aur like aur comment karo
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Thank you
Love you all 💕 😘 💕
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