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Ek raat ki keemat

राही को अच्छे से तैयार करने के बाद शौर्य राही को बेड पर बैठा देता है तभी उस रूम का डोर नोक होता है शौर्य दरवाजा जैसे ही खुलता है वहां पर एक होटल की फीमेल स्टाफ खड़ी थी शौर्य उसे अंदर आने का इशारा करता है।

वह फीमेल स्टाफ जैसे ही अंदर आती है उसकी नजर राही पर चली जाती है वह राही को अजीब नजरों से देख रही थी और रही जैसे ही उसे फीमेल स्टाफ को देखती हैं उसकी नजरों को देखकर राही अपना चेहरा झुका लेती है और अपनी मुठिया काश लेती है क्योंकि उसे अच्छे से पता था कि वह फीमेल स्टाफ उसे किस नजरों से देख रही थी।

वही शौर्य साइड में खड़ा राही को एक तक देखे जा रहा था उसके रिएक्शन देखकर शौर्य के होठों पर तिरछी मुस्कान आ जाती है।

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अब आगे....

शौर्य उस फीमेल स्टाफ को कुछ इशारा करता है तो वह फीमेल स्टाफ अपने हाथ में दो मेडिसिन लेकर राही की तरफ बढ़ा देती है राही कन्फ्यूजन से कभी दवा को देखती है तो कभी उसे फीमेल स्टाफ को की तभी उसके कानों में शौर्य की आवाज गूंजती है जो उसे देखते हुए कह रहा था।

" take it "

शौर्य की बात सुनकर राही हैरानी भरी नजरों से शौर्य को देखते हैं और फिर कहती है" कौन सी दवाई है यह और तुम मुझे क्यों दे रहे हो " राही की बात सुनकर शौर्य के होठों पर तिरछी मुस्कान आ जाती है वह राही के करीब आता है और उसके चेहरे के एकदम करीब आकर उससे कहता है।

" बर्थ कंट्रोल पिल्स & पैन किलर "

शौर्य की बात सुनकर राही की आंखें हैरानी से बड़ी हो जाती है उसने तो यह सोच भी नहीं था कि कल रात जो कुछ भी हुआ उसे उसकी लाइफ में क्या-क्या प्रॉब्लम आ सकती थी।

की तभी शौर्य राही को देखते हुए कहता है " अपने ख्यालों की दुनिया से वापस आ जाओ और यह दवाइयां खा लो मैं नहीं चाहता कि कल जो कुछ भी हुआ उसकी वजह से कोई प्रॉब्लम क्रिएट हो  "

शौर्य की बात सुनकर राही हैरानी भरी नजरों से शौर्य को देख रही थी कि तभी राही गुस्से में खड़ी होती है और शौर्य के कॉलर को पकड़ते हुए कहती है।

" मैं नहीं कहा था कल रात वह सब करने के लिए मैं नशे में थी आप तो नशे में नहीं थे ना आप तो पूरे होशो आवाज में थे तो आप रुक जाते लेकिन आपने भी अपनी हवस पूरी की एक हवसी दरिंदे की तरह "

राही की बात सुनकर शौर्य की आंखें बिल्कुल सर्द हो चुकी थी वह राही के बालों को अपने हाथों से पकड़ता है और खींचते हुए अपने चेहरे के नजदीक लाता है और कहता है।

" जुबान संभाल कर बात करो कोई चलता फिरता एरा गिरा इंसान नहीं हूं मैं शौर्य सिंह राठौड़ हूं तुम्हारी औकात से बाहर हूं मैं समझी और चुपचाप यह दवाई ले लो वरना पड़ी रहो यही पर "

इतना कह कर शौर्य अपना ब्लेजर उठना है और उसे रूम से निकलने को होता है कि तभी उसे कुछ याद आता है वह फिर से राही की और मुड़ता है और उसके सामने आकर खड़ा हो जाता है।

राही कन्फ्यूजन से शौर्य को देख रही थी कि तभी शौर्य आपने पॉकेट से चेक निकालता है और राही के मुंह पर फेंकते हुए कहता है।

" ब्लैंक चेक है अपने अमाउंट भर देना तुम्हारी एक रात की कीमत "

शौर्य की बात सुनकर राही हैरानी भरी नजरों से शौर्य को देख रही थी उसने पहली बार ऐसा बदतमीज और इतना गिरा हुआ इंसान देखा था अपनी जिंदगी में राही तुरंत खड़ी होती है और उसे चेक को जो शौर्य ने उसके चेहरे पर फेंका था उसे चेक को फाड़ते हुए शौर्य के ऊपर फेंक देती है और कहती है।

" भिखारी नहीं हूं मैं मुझे अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट सबसे ज्यादा प्यारी है मुझे अबला नारी मत समझो समझ गए शौर्य सिंह राठौड़ और आज के बाद मुझे अपना चेहरा भी मत दिखाना "

इतना कह कर राही अपना पर्स और फोन उठाती है और वहां से चली जाती है।

राही का ऐसा बिहेवियर देखकर शौर्य को बहुत ही ज्यादा गुस्सा आ रहा था और कहीं ना कहीं उसकी ईगो भी हर्ट हुई थी ।

राही फटाफट होटल से निकलती है और एक कैब बुक करती है और उसके वाले को अपना घर का एड्रेस देकर कैब में चुपचाप बैठ जाती है इस वक्त उसकी आंखें पूरी तरीके से लाल हो चुकी थी कहीं ना कहीं उसे अपनी किस्मत पर रोना भी आ रहा था और शौर्य की बातों का उसे गुस्सा भी आ रहा था।

करीब आधे घंटे बाद वह कैब वाला एक घर के बाहर अपनी गाड़ी रोकता है वह घर देखने में ना तो इतना बड़ा था और ना ही छोटा था मीडियम साइज का घर था।

राही चुपचाप उसे कैब वाले को पैसे देती है और कैब से बाहर निकल जाती हैं राही सामने अपने घर को देखती हैं क्योंकि उसे घर के अंदर जाने में बहुत ही ज्यादा डर लग रहा था।

वह चुपचाप उसे घर को देखते हैं और धीरे-धीरे अपने कदम उसे घर की ओर बढ़ाती हैं जैसे ही वह घर के मेन गेट के पास पहुंचती है वह गहरी सांस लेकर बेल बजाती है करीब 2 मिनट के बाद उसे घर का दरवाजा खुलता है और सामने एक औरत खड़ी थी जो उसे गुस्से में देख रही थी।

राही अपने नजरे ऊंची करके अपने सामने खड़ी औरत को देख रही थी जो कि उसकी मां थी। वह औरत राही को ऊपर से लेकर नीचे तक देखती है और फिर गुस्से में कहती है।

" राही शर्मा तुम कल कहकर गई थी कि तुम पार्टी में जा रही हो और तुम पार्टी से आज सुबह आ रही हो क्या मैं पूछ सकती हूं कि तुम कल पूरी रात कहां पर थी। "

अपनी मां यानी की अंजलि जी की बात सुनकर राही को अपने दिल में बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा था और कहीं ना कहीं उसे डर भी लग रहा था लेकिन फिर भी वह अपने चेहरे पर कोई इमोशन नहीं लाती और अंजलि जी को देखते हुए कहती है।

" मम्मा वो काल पार्टी 2:00 बजे फिनिश हुई और फिर मुस्कान ने कहा कि बहुत रात हो चुकी है तो तुम मेरे घर रुक जाओ तो मैं उसके घर चली गई थी "

राही की बात सुनकर अंजलि जी राही को अंदर आने का इशारा करती है और फिर राही को देखते हुए कहती है। " तो तुमने एक बार भी जरूरी नहीं समझा कि मे घर पर इन्फॉर्म कर दूं कि मैं आज रात मुस्कान के घर रुक रही हूं। "

अंजलि जी की बात सुनकर राही को बहुत ही ज्यादा डर लग रहा था कि कहीं अंजलि जी उसे पकड़ ना ले लेकिन फिर वह अपने चेहरे पर हल्के से मुस्कान लाते हुए कहती है।

" मम्मा वह मैं भूल गई थी आई एम वेरी वेरी सॉरी अगली बार से पक्का ऐसा नहीं करूंगी कहीं भी जाऊंगी तो आपको इनफॉर्म करके जाऊंगी और अगर लेट हो रहा होगा फिर भी आपको इन्फॉर्म करूंगी। "

राही की बात सुनकर अंजलि जी हल्का सा मुस्कुराती है और राही के चेहरे को अपने हाथों में भरते हुए कहती है।

" तुम्हें पता है मैं कितना डर गई थी कल मुझे लगा पता नहीं क्या हो गया होगा तुम आई नहीं थी घर पर वो तो अच्छा हुआ की मुस्कान ने मुझे फोन करके बता दिया कि तुम उसके साथ हो और सो रही हूं तब जाकर मेरे दिल को थोड़ी सी ठंडक पहुंची। "

अंजलि जी की बात सुन कर राही हैरानी भरी नजरों से अंजलि जी को देख रही थी लेकिन वो कुछ नहीं कहती की तभी अंजलि जी राही को देखते हुए कहती है।

" अब जाओ जाकर फ्रेश हो जाओ तब तक मैं नाश्ता बनाती हूं।

" अंजलि जी की बात सुनकर राही अपना सर हमें हिला देती है और ऊपर अपनी रूम की ओर चली जाती है रूम में आते ही राही फूट-फूट कर रोने लगती हैं क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ था कि राही ने अपनी मां से झूठ बोला हो।

तभी राही मिरर के सामने आती है और अपने आप को देखते हुए नफरत भरी आवाज में कहती है।

" आई हेट यू मिस्टर शौर्य सिंह राठौड़ तुमने मेरी जिंदगी बर्बाद  कर दी मेरी वर्जिनिटी तुमने छीन ली सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे सो कॉल्ड हवस के लिए। "

इतना कह कर राही फिर से वॉशरूम चली जाती है और रगड़ रगड़ कर अपने शरीर को धोती है क्योंकि उसे अभी भी अपने शरीर पर शौर्य की खुशबू और उसकी छुअन महसूस हो रही थी जिसे राही को अपने अंदर ही अपने आप से नफरत हो रही थी।

Rathod empire....

शौर्य इस वक्त अपने केबिन में बैठा हुआ था और एक फाइल रीड कर रहा था कि तभी उसके केबिन का गेट खुलता है और उसका असिस्टेंट  राघव अंदर आता है और उसके हाथ में एक रेड कलर की फाइल थी।

राघव जैसे ही अंदर आता है उसकी नजर शौर्य पर अटक जाती है क्योंकि इस वक्त शौर्य बहुत ही ज्यादा सीरियस नजर आ रहा था।

शौर्य जैसे ही राघव को देखता है वो उस फाइल को क्लोज करके बैठ जाता है और राघव को देखते हुए कहता है। " जो डिटेल्स मंगवाई थी वह आ गई "

शौर्य की बात सुनकर राघव अपना सर हमें दिला देता है कि तभी शौर्य राघव को बोलने का इशारा करता है शौर्य का इशार समझ कर राघव फाइल खोलता है और पढ़ना शुरू करता है।

Sir उस लड़की का नाम है " राही शर्मा "

और उसके फादर का नाम है "अशोक शर्मा " लेकिन वह एक आर्मी ऑफिसर थे और एक मिशन के दौरान उनकी मौत हो चुकी है।

उसकी मां का नाम है " अंजली शर्मा " एक हाउसवाइफ है और इसका एक भाई है जिसका नाम है " आरव शर्मा " जो अभी स्कूल में है।

राही शर्मा ने कल ही अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट किया है और कल वह अपने दोस्तों के साथ क्लब में पार्टी करने के लिए आई थी इस दौरान उसकी मुलाकात आपसे हुई।

राघव की बात सुनकर शौर्य के होठों पर एक तिरछी मुस्कान आ जाती है और वह अपने मन में कहता है " rahi rahi rahi मजा आने वाला है इस खेल में लेकिन मज़ा सिर्फ मुझे आएगा तुम्हें सिर्फ दर्द मिलेगा " इतना कहकर शौर्य के चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं था।

रात का वक्त....

राही अपने कमरे में बैठी हुई थी और कुछ सोच रही थी की तभी उसके रूम का डोर नोक होता है और एक लड़का अंदर आते हुए कहता है।

" दीदी कल पूरी रात आप घर पर नहीं थे और आज रात आप घर पर हो तो अंदर कमरे में अपने आप को बंद करके बैठ गई हो चलो मम्मा खाने के लिए बुला रही है। "

अरब  की बात सुनकर राही के होठों पर हल्की सी मुस्कान आ जाती है वह आरव के सर पर हल्का सा  चूमते हुए कहती है " तुम जाओ मैं अभी आती हूं। " आरव के जाने के बाद राही का चेहरा फिर से एक्सप्रेशन लेस हो जाता है वह कुछ सोचते हुए कहती है।

" सबसे पहले मुझे कहीं जॉब चाहिए मैं ऐसे बैठ नहीं सकती मां के ऊपर पूरा बर्डन आ गया है और आरव की स्कूल फीस भी पेंडिंग है मुझे कुछ भी करके एक अच्छी कंपनी में जॉब लेना होगा। "

यही सब सोचते हुए राही नीचे डिनर के लिए चली जाती है।

आरव अंजलि और राही तीनों डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे और शांति से डिनर कर रहे थे कि तभी अंजलि जी राही को देखते हुए कहती है।

" राही अब तुम्हारा आगे क्या प्लान है तुम्हारा ग्रेजुएशन कंप्लीट हो चुका है कोई जॉब करो कि या फिर मास्टर्स के लिए तो मैं आगे और पढ़ना है। "

अंजलि जी की बात सुनकर राही अंजलि जी को देखते हुए कहती है।

" मम्मा मैं सोच रही हूं कि मैं एक अच्छी सी कंपनी में जॉब देख लूं और मास्टर्स की पढ़ाई में जॉब के साथ कंटिन्यू करूंगी। "

राही की बात सुनकर अंजलि जी अपना सर हमें हिला देती हैं की तभी अंजलि जी खड़ी होती है और एक पेपर लाकर राही के सामने रखते हुए कहती है।

" इसमें कुछ कंपनी के नाम है जो यहां की सबसे बेस्ट कंपनी है और मुझे पता है तुमने बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई किया तो इस कंपनी में अच्छी ऑपच्यरुनिटीज तुम्हे मिलेगी। "

अंजलि जी की बात सुनकर राही के होठों पर मुस्कान आ जाती है वह अंजलि जी को गले लगाते हुए कहती है।

"  थैंक यू सो मच मम्मा मैं सोच रही थी कि मैं कौन सी कंपनी में जॉब के लिए इंटरव्यू दूं और आपने मेरा काम एकदम इजी कर दिया है अब। "

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Hello my cute little readers 💋 💋 💋 💋 💋

Guys please meri story ko support kijiye aur apna review dijiye aur please comment karke bataiye ki story kesi lag

rahi hai taki mujhe pata chale ki story ko continue Krna hai ki band kar dena hai .

Thank you 🙏🏻

Love you all 💗 😘 💗

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